शेखपुरा में हरियाली को नष्ट करने की शरारती तत्वों ने की कोशिश।विद्युत अधीक्षण अभियंता का पुलिस से गुहार भी रहा बेअसर।

शेखपुरा जिले के अरियरी थाना क्षेत्र अंतर्गत मौलानगर गांव में शरारती तत्वों ने हरियाली कार्यक्रम पर ब्रेक लगाते हुए हरा भरा पौधा को आग के हवाले कर दिया जिसके कारण सभी पौधा जल गया जिसकी सूचना अरियरी पुलिस को भी दिया गया लेकिन पर्यावरण की सुरक्षा और शरारती तत्वों पर कारवाई करने की दिशा में कोई पहल नहीं हुआ। असामाजिक तत्वों ने गांव स्थित एक बगीचे में आग लगा दी, जिससे वहां लगाए गए कई हरे-भरे पौधे जलकर नष्ट हो गए। इस घटना से गांव में आक्रोश का माहौल है। पीड़ित पक्ष द्वारा इसकी सूचना तत्काल अरियरी थाना पुलिस को दी गई, लेकिन समाचार लिखे जाने तक किसी ठोस कार्रवाई की जानकारी नहीं मिल सकी है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।गौरतलब है कि विद्युत अधीक्षण अभियंता अजय कुमार ने अपने पैतृक गांव मौलानगर में प्राकृतिक खेती और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष अभियान की शुरुआत की थी। इस पहल के तहत बगीचे में विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए गए थे, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीणों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित किया जा सके। लेकिन यह सकारात्मक प्रयास कुछ शरारती तत्वों को रास नहीं आया और उन्होंने हरे-भरे पौधों को आग के हवाले कर दिया।ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल पर्यावरण के लिए नुकसानदेह हैं, बल्कि समाज में गलत संदेश भी देती हैं। लोगों ने प्रशासन से दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और हरियाली अभियान को सफल बनाया जा सके।लेकिन पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाना लाजिमी है आखिर विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता की गुहार को नजर अंदाज क्यों किया गया।क्या पर्यावरण की सुरक्षा के पुलिस की कोई भूमिका नहीं है।इन तरह के कई सवाल है। जिसकी चर्चा खूब हो रही है।



